KULLU : “जनसेवा की ओर बढ़ें सुमित ठाकुर के हाथों ने कदमों को पहुंचाया दिल्ली”

कहा जाता है कि,“पसीने की स्याही से लिखते है जो अपनी मेहनत को उनके मुकद्दर के पन्ने कभी खाली नहीं रहते”
ऐसा ही कुछ कर दिखाया है जिला कुल्लू के मनाली,शुरू गांव से सम्बन्ध रखने वाले युवा आइकन सुमित ठाकुर ने‌,गौरतलब रहे कि सुमित ठाकुर के मन में स्कूली समय से ही जनसेवा का ऐसा भाव जागृत हुआ कि उस भाव को अपने सेवा व जागरूकता कार्यों से साकार करते हुए,युवाओं की प्रेरणा बना दिया।।

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भारत सरकार ने दो राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित कर सुमित ठाकुर के जनसेवा कार्यों को दी प्रमाणिकता।।
देश के 7 करोड़ युवाओं में से 11 युवाओं का चयन भारत सरकार के युवा सेवा एवं खेल मंत्रालय द्वारा इस राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु किया गया था जिसमें जनसेवा में किए गए कार्यों के बलबूते हिमाचल प्रदेश,कुल्लू-मनाली के सुमित ठाकुर के चयन से हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन हुआ है।
युवा सेवा एवं खेल मंत्री भारत सरकार,श्री मनसुख मांडवीय,केन्द्रीय राज्य मंत्री,रक्षा खडसे जी , युवा सेवा एवं खेल मंत्रालय,सचिव मीता राजीव लोचन जी के हाथों से सुमित ठाकुर को दिल्ली में सम्मानित किया गया।
उन्हें यह पुरस्कार वर्ष 2021 व 22 में रक्तदान जन-जागरूक कार्यक्रमों, अंगदान,युवाओं को समाजसेवा से जोड़ने,भारत सरकार की योजनाओं को गरीब व असहाय लोगों तक पहुंचाने व कोविड काल में बेहतरीन सेवा-जागरूकता कार्य करने के परिणामस्वरूप प्राप्त हुआ है।
सम्मानित होते ही इनके स्थानीय क्षेत्र व घर में बधाई देने वालों का तांता लगा है,सोशल मीडिया पर युवाओं के बीच अच्छी पहुंच रखने से सोशल मीडिया सुमित ठाकुर को बधाई देने वालों से भरा पड़ा है।

सुमित की इस उपलब्धि से हिमाचल प्रदेश सहित जिला कुल्लू का नाम रोशन हुआ है।
सुमित को इससे पूर्व भी राष्ट्रीय सेवा योजना में बेहतरीन कार्यों हेतु राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
जो प्रमाणित करता है कि सुमित निरंतर समाज सेवा में अपना योगदान दे रहें है तथा युवाओं को रक्तदान हेतु प्रेरित कर रहें है साथ में युवा: एनजीओ हिमाचल प्रदेश के साथ निरंतर प्रदेश के विभिन्न जिलाओं के युवाओं को समाजसेवा में जोड़कर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अभिनित कर रहें है, सुमित युवा: एनजीओ जोकि प्रदेश के हर जिले में कार्य कर रही है उसके सह-संस्थापक सदस्य व पूर्व अध्यक्ष तथा वर्तमान में सीआईओ भी है।
सुमित ठाकुर ने पुरस्कार मिलने पर इसका श्रेय अपने माता पिता रिश्तेदारों अपने गुरु जनों अपने साथियों को दिया है। जिन्होंने हर परिस्थितियों में सुमित का साथ दिया है। आज युवा सुमित ठाकुर की तरह बनने का भाव जगाने लगे है। Report By – Shweta

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