भागवत कथा वाचक अनिरुद्धाचार्य ने अपने विचार रखे। उन्होंने सनातन धर्म और आध्यात्म के विषय के साथ-साथ आधुनिक दौर में सोशल मीडिया का धड़ल्ले से हो रहे इस्तेमाल पर भी बेबाकी से अपने विचार रखे। सबसे पहले उन्होंने संवाद के सदन में मौजूद जनता से पौराणिक श्लो- ‘सच्चिदानंद रूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे, तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयं नमः’ के उच्चारण का आह्वान भी किया।
इसके बाद उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के 18वें अध्याय के 66वें श्लोक से उन्होंने अपने संवाद का आगाज किया।
सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।
अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः
सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल पर उन्होंने कहा कि इंटरनेट के इस युग में सोशल मीडिया पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के कंटेट हैं। बकौल अनिरुद्धाचार्य, वे खुद पर बनने वाले मीम भी देखते हैं, ये लोगों को हंसाने का काम करते हैं। वे खुद भी इसका सकारात्मक इस्तेमाल करने का प्रयास करते हैं।
#Acharya#anniruddhacharyajimaharaj#BreakingNews#sanatandharma#bhagwatkatha#hindurashtra#IndiaNewsLive#HindiNews
