नकदी संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान का व्यापार घाटा सितंबर में बढ़कर 3.34 अरब डॉलर (29,647 करोड़ रुपये) हो गया, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 46 प्रतिशत अधिक है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, आयात बढ़ने और निर्यात में कमी आने के कारण देश के नाजुक बाह्य क्षेत्र पर दबाव बढ़ा और मुद्रा की स्थिरता को खतरा पैदा हुआ। समाचारपत्र ‘द न्यूज’ ने शुक्रवार को पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो (पीबीएस) के आंकड़ों के हवाला से प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वर्ष सितंबर में यह घाटा 2.29 अरब डॉलर था जो अब मुख्य रूप से आयात के 14 प्रतिशत बढ़कर 5.85 अरब डॉलर हो जाने और निर्यात 11.7 प्रतिशत घटकर 2.5 अरब डॉलर रह जाने से बढ़ा। अगस्त 2025 की तुलना में व्यापार घाटा 16.3 प्रतिशत बढ़ गया।