नारनौल PC-PNDT स्पेशल टीम ने दिल्ली में अवैध लिंग निर्धारण टेस्ट करने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ करके बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में दिल्ली के पटेल नगर पुलिस स्टेशन में एक अल्ट्रासाउंड सेंटर के मालिक सहित चार आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
यह मामला सिर्फ एक रेड का नहीं है, बल्कि हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में फैले एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करने की कहानी है, जो अजन्मी बच्चियों को खत्म करने का धंधा चला रहा था। नारनौल PC-PNDT की खुफिया टीम ने एक सुनियोजित ऑपरेशन के जरिए इस पूरे रैकेट का खुलासा किया।
PC-PNDT नोडल अधिकारी विजय सिंह यादव ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि राजस्थान-हरियाणा सीमा के गांवों से गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग निर्धारण टेस्ट के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा है। गैंग का तरीका बहुत चालाकी भरा था। गांवों में झोलाछाप डॉक्टर और दलाल पहले महिलाओं से संपर्क करते थे, कीमत तय करते थे, और फिर उन्हें दिल्ली भेजते थे, जहां एक लाइसेंसी अल्ट्रासाउंड सेंटर में अवैध टेस्ट किए जाते थे।
टीम ने गैंग में घुसने के लिए एक गर्भवती महिला को नकली मरीज के तौर पर इस्तेमाल किया। 50,000 रुपये में सौदा तय हुआ। महिला को दिल्ली के पटेल नगर मेट्रो स्टेशन पर बुलाया गया, जहां दलाल सुरेंद्र उसे लेने आया। उसका साथी अरुण भी उसके साथ था।
दोनों महिला को स्कूटर पर सीधे न्यू लाइफ लैब अल्ट्रासाउंड सेंटर, पटेल नगर, दिल्ली ले गए। करीब 40 मिनट बाद दलाल बाहर आया और बोला, “लड़की है।” यहीं पर पूरा ऑपरेशन सामने आया। नारनौल PC-PNDT और दिल्ली की टीमों ने एक साथ सेंटर पर छापा मारा। सेंटर के अंदर एक अल्ट्रासाउंड मशीन, महिला स्टाफ और दलाल मिले। जांच से साफ हो गया कि यह कोई गलती नहीं थी, बल्कि एक चल रहा अवैध धंधा था।
दोनों पर दो-दो मामले दर्ज
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान खुडाना गांव (महेंद्रगढ़) के रहने वाले सुरेंद्र, बड़खली गांव (रेवाड़ी) के रहने वाले अरुण, पटेल नगर, दिल्ली के रहने वाले सेंटर मालिक डॉ. राजेश और उत्तम नगर, दिल्ली की रहने वाली महिला स्टाफ सदस्य कविता के रूप में हुई है।
जांच में यह भी पता चला कि झोलाछाप डॉक्टर सुरेंद्र ने पहले भी उसी सेंटर पर दो बार भ्रूण लिंग जांच की थी, और महेंद्रगढ़ में उसके खिलाफ PCPNDT एक्ट के तहत पहले से ही केस दर्ज थे। इसका मतलब है कि यह गैंग पहले से ही अधिकारियों की नज़र में था, लेकिन उन्होंने अपनी जगह और पहचान बदलकर फिर से काम शुरू कर दिया था।
नारनौल में लिंग अनुपात से सीधा संबंध
PCPNDT के नोडल अधिकारी डॉ. विजय सिंह यादव ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव और सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार के सख्त निर्देशों पर जिले में ऐसे नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले का लिंग अनुपात 2023 में 887, 2024 में 902 और 2025 में 905 तक पहुंच गया है।