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इंजीनियर की मौत मामले में बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार, CM योगी के संज्ञान पर नोएडा प्राधिकरण के CEO पर गिरी थी गाज

उत्तर प्रदेश में नोएडा के सेक्टर-150 में बेसमेंट के पानी में डूबकर हुई इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। नोएडा पुलिस ने नामजद बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। 

नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने रविवार को दो बिल्डर कंपनी एमजे विशटाउन व लोटस ग्रीन खिलाफ मामला दर्ज किया था। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले में संज्ञान लिया, जिसके बाद शासन ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम को हटाकर प्रतीक्षारत कर दिया है, लेकिन अब भी बड़ा सवाल कायम है कि इंजीनियर की मौत के अन्य जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी?

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को पद से हटाया

सेक्टर-150 में एक मॉल के बेसमेंट के लिए की गई खुदाई में भरे पानी में डूबकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की हुई मौत के मामले का सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। 

नोएडा (न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी) के सीईओ डॉ. लोकेश एम. को पद से हटा दिया गया है। शासन ने उन्हें प्रतीक्षारत कर दिया है। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए मेरठ जोन के एडीजी भानू भास्कर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआइटी गठित कर दी गई है। 

एसआईटी में मेरठ के मंडलायुक्त भानू चंद्र गोस्वामी व पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर अजय वर्मा भी शामिल हैं। यह टीम पांच दिनों के अंदर जांच पूरी कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपेगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि पूरे राज्य में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिह्नित कर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें। ऐसी कोई घटना दोबारा न हो, इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। प्राधिकरण, दमकल विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ की लापरवाही से युवराज की हुई मौत के बाद जिस तरह यूपी के शो विंडो कहे जाने वाले गौतमबुद्ध नगर में अव्यवस्थाओं की पोल खुली, उससे लखनऊ तक तंत्र हिल गया। मुख्यमंत्री सोमवार को दिल्ली में थे तो सीईओ डॉ. लोकेश एम. भी उनसे मिलने गए थे। 

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