मानसिक अस्वस्थता के कारण सीमा पार पाकिस्तान पहुंचने और वहां की सेंट्रल जेल में सात साल की सजा काटने के बाद रिहा हुए मध्य प्रदेश के बालाघाट निवासी प्रसन्नजीत रंगारी स्वजन के साथ अपने घर के लिए रवाना हो गया है।
स्वजन पिछले बुधवार रात करीब 10 बजे अमृतसर के मंजीठा थाना पहुंचे थे जहां पुलिस ने प्रसन्नजीत को सौंपने की कागजी कार्रवाई पूरी की। संभावना है कि वह आज रात तक बालाघाट पहुंच जाएगा।
बुधवार को प्रसन्नजीत से अमृतसर में स्वजन ने मुलाकात की, इस दौरान उसने स्वर्ण मंदिर में माथा टेकने की इच्छा जाहिर की।
स्वर्ण मंदिर में उसने अपनी मां की कुशलता की कामना करते हुए कहा कि मेरी मां का ख्याल रखना, मां मैं आ रहा हूं। बता दें कि प्रसन्नजीत के गायब होने के बाद से मां मानसिक अवसाद में है।