प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हिमाचल पुलिस ने इलेक्ट्रानिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (ई-डीएआर) व्यवस्था लागू की है। इससे जहां सड़क हादसों में कमी लाई जाएगी, वहीं रिपोर्ट के आधार पर हादसे के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी की जाएगी। अब तक के विश्लेषण में सामने आया है कि शाम छह से नौ बजे के बीच दुर्घटनाओं का खतरा सबसे अधिक रहता है।
इसे देखते हुए इस समय को खतरे का समय घोषित कर राजमार्गों पर विशेष गश्त और कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई है। इसके लिए गति मापने वाले यंत्रों और शराब जांच उपकरणों से निगरानी रखी जा रही है। अवैध पार्किंग पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। खतरनाक पहाड़ी मोड़ों पर उच्च दृश्यता वाले संकेतक लगाए जा रहे हैं।
प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हिमाचल पुलिस ने इलेक्ट्रानिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (ई-डीएआर) व्यवस्था लागू की है। इससे जहां सड़क हादसों में कमी लाई जाएगी, वहीं रिपोर्ट के आधार पर हादसे के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी की जाएगी। अब तक के विश्लेषण में सामने आया है कि शाम छह से नौ बजे के बीच दुर्घटनाओं का खतरा सबसे अधिक रहता है।
इसे देखते हुए इस समय को खतरे का समय घोषित कर राजमार्गों पर विशेष गश्त और कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई है। इसके लिए गति मापने वाले यंत्रों और शराब जांच उपकरणों से निगरानी रखी जा रही है। अवैध पार्किंग पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। खतरनाक पहाड़ी मोड़ों पर उच्च दृश्यता वाले संकेतक लगाए जा रहे हैं।