मोजतबा खामेनेई ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर बनने के बाद पहली बार सार्वजनिक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखना दुश्मनों पर दबाव बनाने का एक अहम हथियार है और इसे जारी रखा जाना चाहिए।
राज्य टीवी पर दिए गए अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि मध्य पूर्व में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तुरंत बंद कर देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो इन ठिकानों पर हमला किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद तेल की कीमतों में फिर तेजी देखी गई। युद्ध शुरू होने के बाद से ही होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही लगभग रुक गई है, जिससे वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।
पिता की मौत के बाद बने सुप्रीम लीडर
मोजतबा खामेनेई को 9 मार्च को ईरान का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया था। इससे पहले उनके पिता अली खामेनेई की हत्या अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में हो गई थी, जो फरवरी के अंत में शुरू हुए थे।
हमले के दौरान मोजतबा खामेनेई भी घायल हुए थे। इस हमले में उनके पिता और परिवार के कुछ अन्य सदस्य मारे गए थे। अपने बयान में उन्होंने कहा कि ईरान अपने शहीदों के खून का बदला लेने से पीछे नहीं हटेगा और देश के लोगों से एकजुट रहने की अपील की।
सख्त रुख के लिए जाने जाते हैं मोजतबा
56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को अपने पिता की तुलना में ज्यादा सख्त और कट्टर नेता माना जाता है। हालांकि इससे पहले वह ईरान की राजनीति में कम ही सार्वजनिक रूप से दिखाई देते थे। उनके चयन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने निराशा जताई। उन्होंने फॉक्स न्यूज से कहा कि उन्हें नहीं लगता कि मोजतबा खामेनेई शांति से रह पाएंगे। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका का लक्ष्य तेहरान में सरकार बदलना है या नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल हवाई हमलों से ईरान की मौजूदा सत्ता को हटाना आसान नहीं होगा।
युद्ध अभी खत्म होने के संकेत नहीं
अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के सैन्य और महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले अभी भी जारी हैं और इस हफ्ते हवाई तथा समुद्री हमले और तेज हो गए हैं। वहीं ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तेल टैंकरों को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
मोजतबा खामेनेई ने कहा कि ईरान अपने दुश्मनों से मुआवजा लेने की कोशिश करेगा, और अगर ऐसा नहीं हुआ तो उनकी संपत्तियों को नष्ट किया जाएगा।

