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चीन में भारत के राजदूत बने विक्रम दोराईस्वामी, ब्रिटेन-अमेरिका में संभाल चुके हैं मोर्चा

चीन के साथ संबंधों के फिर से धीरे-धीरे पटरी पर लौटने के बीच भारत ने गुरुवार को अनुभवी राजनयिक विक्रम दोराईस्वामी को चीन में भारत का नया राजदूत नियुक्त किया है।

यह कदम पूर्वी लद्दाख में चार साल से अधिक समय तक चले सैन्य गतिरोध के बाद दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण संबंधों को फिर से सुधारने के प्रयासों के बीच उठाया गया है।

कौन हैं दोराईस्वामी?

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नए राजदूत जल्द ही अपना कार्यभार संभालेंगे। भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 1992 बैच के वरिष्ठ अधिकारी दोराईस्वामी, प्रदीप कुमार रावत का स्थान लेंगे। वे इससे पहले भी बीजिंग में भारतीय दूतावास में काम कर चुके हैं और उन्हें विदेश मामलों का खासा अनुभव है।

दोराईस्वामी इस समय ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त के रूप में कार्यरत हैं। दोराईस्वामी भारतीय विदेश सेवा में शामिल होने से पहले एक वर्ष तक पत्रकार के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की थी।

ब्रिटेन में रह चुके हैं उच्चायुक्त

उनके करियर की शुरुआत 1994 में हांगकांग में सचिव के रूप में हुई, जहां उन्होंने चीनी विश्वविद्यालय के न्यू एशिया येल-इन-एशिया भाषा स्कूल से चीनी भाषा सीखी और इसके बाद 1996 से उन्होंने बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास में लगभग चार वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।

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