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युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह की मौत, परिवार ने पूर्व मुख्य सचिव और कारोबारी पर लगाए गंभीर आरोप

विभूतिखंड के नोवोटेल होटल में मृत मिले महराजगंज के सिसवा निवासी 22 वर्षीय युवा विज्ञानी राहुल सिंह की मौत का कारण 24 घंटे बाद भी स्पष्ट नहीं हो सका है।

बुधवार को पोस्टमार्टम गृह पहुंचे राहुल के भाई और अन्य परिवारजनों ने नोएडा के कारोबारी चंद्रभूषण मिश्रा, उनके दो बेटे-बेटी और यूपी के पूर्व मुख्य सचिव समेत पांच लोगों पर प्रताड़िना का आरोप लगाया।

बताया कि चंद्रभूषण ने पहले तो राहुल को एक प्रोजेक्ट के बदले 62 लाख दिए, लेकिन बाद में प्रोजेक्ट वापस ले लिया और रुपये लौटाने का दबाव बनाने लगा।

यहां तक कि बस्ती में राहुल पर धोखाधड़ी और धमकी का मुकदमा भी दर्ज करा दिया। इसी को लेकर राहुल बेहद परेशान थे। रोहित ने तहरीर देकर विभूतिखंड पुलिस से जांच की मांग की है।

सिसवा के बीजापार असमन छपरा गांव निवासी राहुल सिंह सोमवार दोपहर डेढ़ बजे नोवोटेल होटल पहुंचे थे। मंगलवार सुबह होटल की तीसरी मंजिल पर उनका कमरा देर तक न खुला तो सूचना पर पहुंची पुलिस अंदर गई तो उनका शव बिस्तर पर पड़ा था। उल्टी भी हुई थी। पुलिस और फारेंसिक यूनिट ने छानबीन कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोई सुसाइड नोट या अन्य संदिग्ध चीज नहीं मिली।

बुधवार को चिकित्सकों के पैनल की निगरानी में उनका पोस्टमार्टम हुआ। पुलिस के मुताबिक, शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं हैं। मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। उधर, बुधवार को पोस्टमार्टम गृह पहुंचे राहुल के बड़े भाई रोहित ने पीएम और सीएम से मामले की जांच कराने की मांग की। आरोप लगाया कि चंद्रभूषण ने कुछ दिनों पहले राहुल से ड्रोन इंजीनियरिंग के एक प्रोजेक्ट का सौदा 85 लाख में तय किया। 62 लाख रुपये भी दे दिए, लेकिन बाद में प्रोजेक्ट वापस ले लिया। इसके बाद पूर्व मुख्य सचिव, चंद्रभूषण और उनका परिवार रुपये लौटाने का दबाव बनाने लगे।

बस्ती की नगर कोतवाली में पिछले महीने कई धाराओं में केस दर्ज करा दिए। इसी को लेकर राहुल परेशान थे। विभूतिखंड पुलिस इस मुकदमे की जानकारी जुटा रही है। पुलिस उपायुक्त पूर्वी दीक्षा शर्मा ने बताया कि तहरीर मिली है। परिवारजन शव लेकर गृह जनपद चले गए हैं। उनसे संपर्क कर नियमानुसार जांच की जाएगी।

पूर्व मुख्य सचिव पर भी आरोप

तहरीर में नोएडा सेक्टर 49 निवासी चंद्रभूषण, उनके बेटे तपिस और उदित मिश्रा, बेटी तारिणी के अलावा यूपी के पूर्व मुख्य सचिव पर भी आर्थिक और मानसिक दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं।

कई बार आए थे लखनऊ

विभूतिखंड पुलिस की जांच में सामने आया है कि राहुल बीते एक महीने में कई बार लखनऊ आए थे। हालांकि, नोवोटेल में सोमवार को ही गए थे। 13 जुलाई की सुबह आखिरी बार मोबाइल फोन पर परिवारजन से सामान्य बातचीत की।

होटल के सीसी कैमरे में दिखा कि सोमवार को वह कमरे में गए शाम को सिर्फ एक बार नीचे काफी पीने आए और लौट गए। उसके बाद कमरे से बाहर नहीं निकले। होटल में कोई मिलने भी नहीं आया। पुलिस फोन और कॉल डिटेल खंगाल रही है।

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