नागपुर में 16 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने तीन महीने तक नाबालिग को 3 महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। आरोपी मोबाइल के जरिए, धमकियों और लगातार वीडियो कॉल के जरिए नाबालिग पर कंट्रोल रखता था।
आरोपी ने न सिर्फ नाबालिग का कई बार रेप किया, बल्कि उसे चमड़े की बेल्ट से पीटा और चाकू से 20 घाव भी किए। पुलिस ने नाबालिग को 3 अगस्त को नागपुर के एक फ्लैट से रेस्क्यू किया था। आरोपी युवक फिलहाल नागपुर जेल में है।
इंस्टाग्राम से हुई थी जान पहचान
पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक मूल रूप से ठाणे का रहने वाला है। उसकी और पीड़िता की जान-पहचान इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। युवक ने पिछले साल इंस्टाग्राम पर एक फेक अकाउंट बनाया था। उसी अकाउंट के जरिए उसने पीड़िता से दोस्ती की और बातचीत शुरू हुई। आरोपी ने करीब दो महीने पहले फ्लैट की छत पर पीड़िता को वीडियो कॉल करने को कहा। पुलिस ने बताया कि पीड़िता ने अपनी प्राइवेट तस्तीरें आरोपी के साथ साझा की थीं। इसके बाद आरोपी ने मोबाइल फोन से एक्सेस और लगातार वीडियो कॉल कर उसे कंट्रोल करना शुरू कर दिया।
डिजिटल अरेस्ट का लिया सहारा
आरोपी ने पीड़िता से अपनी बात मनवाने के लिए डिजिटल अरेस्ट का तरीका अपनाया। आरोपी ने नाबालिग को बिस्तर के नीचे सोने का आदेश दिया। जब उसने ऐसा करने से इनकार किया तो आरोपी ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मडिया पर वायरल करने की धमकी दी।
इसके बाद आरोपी पीड़िता को डरा-धमकाकर अपनी हर बात मनवाता रहा। बदमानी के डर से पीड़िता हर बात मानती रही।

