CJP के संसद मार्च के दौरान भड़की हिंसा के दौरान चली पैलेट गन से एक छात्र की आंख की रोशनी चली चली है। जिस पर शुक्रवार को लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने संसद मार्ग थाने में प्रदर्शन किया। पैलेट गन चलाने वाले पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
संसद मार्ग थाने में दर्ज की गई FIR में छात्र साहिल लोचब 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान अपनी दाहिनी आंख की रोशनी चले जाने और शरीर में बड़ी संख्या में पैलेट गन के छर्रे लगने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
FIR अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 118(1)/125 के तहत दर्ज की गई है। जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर मोहित वर्मा को सौंपी गई है। हालांकि, साहिल के आराेपों की जांच होनी है। आइए जानते हैं कि एफआईआर में दिल्ली पुलिस पर कौन से गंभीर आरोप लगाए हैं?
जंतर-मंतर से शुरू हुआ प्रदर्शन, फिर बिगड़ी स्थिति
साहिल के मुताबिक, 20 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन हो रहा था। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च शुरू किया।
करीब 20 वर्षीय साहिल ने शिकायत में बताया है कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग यानी SOL से पढ़ाई कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह खुद छात्र हैं और इससे पहले 2025 में हुई दिल्ली पुलिस परीक्षा में कथित धांधली तथा NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में भी शामिल रहे हैं।
20 जुलाई को भी वह इसी प्रदर्शन में शामिल होने जंतर-मंतर पहुंचे थे। लेकिन मार्च आगे बढ़ने के साथ हालात बदलने लगे। साहिल ने अपनी शिकायत में लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़े जाने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, भगदड़ जैसी स्थिति बनी और वह दूसरे युवाओं के साथ भागते हुए कनॉट प्लेस इलाके की तरफ पहुंच गए।

