जिले में अवैध रूप से चल रहे होटलों को बंद कराने के लिए प्रशासन ने पुलिस कमिश्नर को रिमाइंडर भेजा है। इसके बावजूद अब तक पुलिस ने अवैध होटल बंद कराने की कार्रवाई नहीं की है। जबकि जिले के अवैध होटलों में कई बार अनैतिक कार्यों का पर्दाफाश हो चुका है। बिना लाइसेंस जिले में संचालित होटलों को बंद न कराए जाने से पुलिस पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
दो हजार से अधिक होटल, लाइसेंस है महज 356 के पास
जिले में लगभग दो हजार होटल, अतिथि गृह, रिजार्ट और फार्म स्टे संचालित हैं। इनमें से महज 356 ने ही जिला प्रशासन ने लाइसेंस लिया है। बिना लाइसेंस के होटल का संचालन करना अवैध है। होटल का लाइसेंस लेने के लिए पर्यटन, पुलिस, अग्निशमन, विद्युत सहित छह विभागों से एनओसी लेनी पड़ती है। जिला प्रशासन ने लाइसेंस देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम भी लागू किया हुआ है।