बंगाल में दूसरे व अंतिम चरण के मतदान से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य की राजनीति में वोट के लिहाज से प्रभावशाली शरणार्थी मतुआ व नामशुद्र समुदाय को रविवार को पूर्ण भरोसा देते हुए कहा कि उन्हें संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के तहत हर हाल में नागरिकता दी जाएगी।
चुनाव प्रचार संपन्न होने से एक दिन पहले बांग्लादेश की सीमा से सटे उत्तर 24 परगना जिले में मतुआ समुदाय के गढ़ ठाकुरनगर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि शरणार्थियों के सुख-दुख की चिंता करना भारत का ऐतिहासिक दायित्व है।
‘शरणार्थी परिवार को हम अपनी जिम्मेदारी मानते हैं’
‘शरणार्थी परिवार को हम अपनी जिम्मेदारी मानते हैं’
मतुआ समुदाय को साधने के प्रयास के तहत मोदी ने उल्लेख किया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को शरणार्थियों का प्रवक्ता माना जाता था। उन्हीं के संस्कार भाजपा के भीतर है। इसलिए विभाजन से लेकर आज तक हर शरणार्थी परिवार को हम अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। इसीलिए मेरी सरकार सीएए कानून लेकर आई। वरना दशकों तक ये काम नहीं हुआ था।
पीएम मोदी ने बताया किन्हें मिलेगी नागरिकता
पीएम ने वचन दिया कि मतुआ, नामशुद्र और अन्य सभी शरणर्थाी परिवारों को न सिर्फ नागरिकता मिलेगी बल्कि हर वह दस्तावेज व हक मिलेगा जो देश के किसी भी नागरिक को मिलता है, यह मोदी की गारंटी है।
पीएम ने यह भरोसा ऐसे वक्त में दिया है जब विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में बड़ी संख्या में नाम कटने के बाद शरणार्थी मतुआ समुदाय के लोग अनिश्चितताओं का सामना कर रहे हैं। मूल रूप से पूर्वी पाकिस्तान के रहने वाले मतुआ हिंदू हैं, जो विभाजन के दौरान और बांग्लादेश बनने के बाद भारत में आकर बस गए थे।
बंगाल में कितनी है मतुआ समुदाय की आबादी?
मतुआ समुदाय की बंगाल में करीब डेड़ करोड़ आबादी है और राज्य की 70 से अधिक विधानसभा सीटों पर उनका प्रभाव है। 2019 के लोकसभा व 2021 के विधानसभा चुनाव में इस समुदाय के समर्थन ने भाजपा के मजबूत प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे में मतुआ के गढ़ में प्रधानमंत्री की यह यात्रा और नागरिकता का वादा समुदाय के मतदाताओं को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
मतुआ संप्रदाय के मुख्य मंदिर में पीएम ने पूजा-अर्चना भी की
ठाकुरनगर में चुनावी रैली से पहले पीएम ने वहां मतुआ महासंघ के मुख्य मंदिर ठाकुरबाड़ी में पूजा-अर्चना भी की। ठाकुरबाड़ी में मतुआ संप्रदाय के संस्थापकों व आराध्य गुरु हरिचांद और गुरुचांद ठाकुर के मंदिर स्थित हैं। पीएम ने बड़ो मां को भी नमन किया। मोदी ने इससे पहले 2019 में ठाकुरनगर मंदिर का दौरा किया था और 2021 में बांग्लादेश के ओराकंडी में मतुआ तीर्थस्थल भी गए थे।
पहले चरण में ही टीएमसी का अहंकार टूट गया है
पीएम ने हुगली जिले के हरिपाल में भी जनसभा को संबोधित किया। मोदी ने ममता सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले चरण में ही लोगों ने कमाल कर दिया है और भारी मतदान से टीएमसी का अहंकार टूट गया है। अब दूसरे चरण में भाजपा सरकार की प्रचंड जीत पक्की है। 15 साल पहले टीएमसी मां, माटी और मानुष की बातें करके सत्ता में आई थी। पर अब इनके मुंह से मां, माटी और मानुष, यह शब्द तक नहीं निकलते। आखिर क्यों?
पीएम ने इसका कारण बताते हुए कहा कि टीएमसी वाले अगर मां, माटी और मानुष की याद दिलाएंगे तो इनके पाप सामने आ जाएंगे। टीएमसी की निर्ममता ने मां को रुला दिया, माटी को सिंडिकेट व घुसपैठियों के हवाले कर दिया और बंगाल के मानुष को पलायन के लिए मजबूर कर दिया।
महिला अपराधों पर घेरते हुए कहा कि टीएमसी के महाजंगलराज की सबसे बड़ी पीडि़त हमारी बहनें, बेटियां हैं। इनके साथ सबसे बड़ा धोखा हुआ है, इसलिए सबसे अधिक गुस्सा बहनों में ही है। संदेशखाली व अन्य जगहों पर बहनों के साथ गुंडे अन्याय करते रहे। टीएमसी की निर्मम सरकार गुंडों का साथ देती रही और बहनों को ही गाली दी गई, उनपर सवाल उठाया गया। यह कभी भूलना नहीं है।
तुम मुझे वोट दो मैं टीएमसी से आजादी दिलाऊंगा
मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आजादी से पहले के प्रसिद्ध नारे- तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा का जिक्र करते हुए कहा कि आज बंगाल को आपके एक वोट की जरूरत है। आप भाजपा को अपना वोट दीजिए, हम आपको टीएमसी के महाजंगलराज से आजादी दिलाएंगे। गुंडे, दुष्कर्मियों का चुन-चुन कर हिसाब चार मई के बाद भाजपा की सरकार करेगी।