पहलगाम हमले का मास्टमाइंड और घोषित आतंकवादी सैफुल्लाह कसूरी ने एक बार फिर जहर उगला है। वह इजरायल-विरोधी बयान देकर लश्कर-ए-तैयबा के लिए समर्थन जुटा रहा है। उसने कहा कि पाकिस्तानी सेना सऊदी अरब के पवित्र स्थलों की रक्षा करेगी, जबकि इजरायल को दुनिया के नक्शे से मिटा देगी।
पिछले हफ्ते खत्म-ए-नबुवत कॉन्फ्रेंस में भड़काऊ भाषण देते हुए कसूरी ने पाकिस्तानी सेना को क्षेत्रीय झगड़ों में एक सक्रिय खिलाड़ी के तौर पर पेश करके लोगों की भावनाओं को भड़काने की कोशिश की।
लश्कर और जैश के आतंकियों की हमास के नेताओं के साथ बैठक
ये बातें पिछले एक साल में पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बड़े सदस्यों और हमास के सीनियर नेताओं के बीच हुई कई हाई-लेवल बैठकों के माहौल में सामने आई हैं। पिछले साल हमास की एक टीम ने बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वार्टर और पाकिस्तानी सेना के एक ठिकाने का दौरा किया था।
हमास के सीनियर नेताओं ने पिछले साल फरवरी में पीओके के रावलकोट में कश्मीर एकजुटता दिवस पर भाषण दिया था। यह सभा अल-अक्सा फ्लड के बैनर तले आयोजित की गई थी। यह नाम यरूशलेम की उस मस्जिद से जुड़ा है जिस पर यहूदी और मुसलमान दोनों अपना दावा करते हैं।