उत्तर प्रदेश का शो विंडो कहे जाने वाले नोएडा को 25 साल के इंतजार के बाद आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट मिल ही गया। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का उद्घाटन कर देश को नई सौगात दी है।
बता दें कि इस एयरपोर्ट का निर्माण चार चरण में होना है और अभी एयरपोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन हुआ है। ऐसे में सवाल है कि आखिर इस एयरपोर्ट का पूर्ण रूप से निर्माण कब तक होगा, इसमें कितनी लागत आएगी, इसमें क्या-क्या सुविधाएं होंगी और कैसे ये एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन गया है।
क्या है निर्माण का प्लान
- नोएडा एयरपोर्ट के पहले चरण का निर्माण 1334 हेक्टेयर में पूरा हुआ है। पहले फेज में 3900 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे बनकर तैयार है। हालांकि इस एयरपोर्ट पर कुल छह रनवे बनाने की योजना है। 5100 हेक्टेयर में विस्तृत जेवर एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। इसका विस्तार इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब ढाई गुना अधिक होगा।
- दूसरा फेज पूरा होते ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा। दूसरे चरण का निर्माण पूरा होने पर एयपोर्ट का टोटल एरिया 7200 एकड़ हो जाएगा। दूसरे फेज के निर्माण का लक्ष्य 2032 रखा गया है।
- वहीं नोएडा एयरपोर्ट के तीसरे फेज के निर्माण की डेडलाइन 2036-37 है।
- जब नोएडा एयरपोर्ट का निर्माण चौथे चरण को पार कर पूरा बन जाएगा तब यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। इसके लिए साल 2050 की डेडलाइन रखी गई है।
हर चरण में कितनी आएगी निर्माण लागत
जेवर एयरपोर्ट की कुल अनुमानित लागत 29,561 करोड़ रुपये है। इसका निर्माण कार्य 2050 तक पूरा हो जाएगा।
| चरण | संभावित लागत (करोड़ रुपये) |
|---|---|
| पहला फेज | 4,588 करोड़ |
| दूसरा फेज | 5,983 करोड़ |
| तीसरा फेज | 8,415 करोड़ |
| चौथा फेज | 10,575 करोड़ |
| चरण | पैसेंजर क्षमता (सालाना) | वर्ष |
|---|---|---|
| पहला फेज | 1.2 करोड़ | 2026 |
| दूसरा फेज | 3 करोड़ | 2031-32 |
| तीसरा फेज | 5 करोड़ | 2036-37 |
| चौथा फेज | 7 करोड़ | 2040-50 |